हरिद्वार, 30 मई 2025 – बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में आखिरकार 32 महीने बाद न्याय की गूंज सुनाई दी। कोर्ट ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इस फैसले से पूरे उत्तराखंड समेत देशभर में पीड़िता के लिए इंसाफ की मांग कर रहे लोगों में संतोष और न्यायपालिका पर भरोसा फिर से मजबूत हुआ है।
क्या है अंकिता हत्याकांड?
सितंबर 2022 में उत्तराखंड के यमकेश्वर क्षेत्र स्थित एक रिसॉर्ट में कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। अंकिता एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी, जहाँ उसे ‘वीआईपी गेस्ट’ को गलत सेवा देने का दबाव बनाया जा रहा था। जब उसने इसका विरोध किया, तो उसे कथित रूप से ऋषिकेश के पास चीला नहर में धक्का देकर मार दिया गया।
तीन आरोपी पाए गए दोषी
इस मामले में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य (भूतपूर्व भाजपा नेता का बेटा), उसके सहयोगी सौरभ भरद्वाज और अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया गया है। कोर्ट ने तीनों को धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना) और 120B (षड्यंत्र) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई।
फैसले पर परिवार का क्या कहना है?
अंकिता के पिता ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें हमारी बेटी के लिए इंसाफ मिला है, लेकिन हमारी लड़ाई यहीं खत्म नहीं होती। हम इन दरिंदों को फांसी दिलवाने की मांग करेंगे।”
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