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उत्तराखंड, 4 जून 2025:
प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि 15 जुलाई 2025 तक राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। इस संबंध में आज आयोजित होने वाली राज्य कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जा रहा है, जिसमें चुनाव की तिथि तय की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की सिफारिश की है। इसके तहत जून के अंत तक अधिसूचना जारी की जा सकती है, जिससे नामांकन, नाम वापसी, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया जुलाई के मध्य तक पूरी की जा सके।
क्या कहता है पंचायत चुनाव का नियम?
उत्तराखंड में हर पांच साल में पंचायत चुनाव कराए जाते हैं। पिछली बार ये चुनाव 2019 में हुए थे, और अब कार्यकाल समाप्त होने के कगार पर है। नियमानुसार, सरकार को निर्धारित समयसीमा के भीतर चुनाव कराने होते हैं, अन्यथा पंचायतों को भंग कर प्रशासनिक व्यवस्था लागू करनी पड़ती है।
सरकार की तैयारी और संभावित चुनौतियाँ
राज्य सरकार ने पहले ही चुनाव से संबंधित प्रारंभिक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। मतदान केंद्रों की सूची, कर्मचारियों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा की जा रही है। हालांकि, मानसून और दुर्गम क्षेत्रों में मतदान व्यवस्था करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
विपक्ष का रुख
विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता की माँग की है। कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों ने चुनाव की तिथि में किसी भी प्रकार की देरी पर सवाल उठाए हैं।
निष्कर्ष:
उत्तराखंड में पंचायत चुनाव को लेकर आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। कैबिनेट बैठक के बाद चुनाव की तारीख स्पष्ट हो जाएगी और इसके साथ ही राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।






