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अल्मोड़ा (उत्तराखंड), 29 मई 2025 – उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जागेश्वर धाम मंदिर में आज सुरक्षा एजेंसियों द्वारा एक मॉक ड्रिल (Mock Drill) का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में मंदिर परिसर को आतंकवादियों के कब्जे से मुक्त कराने का प्रशिक्षणात्मक अभियान चलाया गया। ड्रिल के दौरान तीन फर्जी आतंकवादियों को मार गिराया गया और कई बंधकों को सुरक्षित छुड़ाया गया।
मॉक ड्रिल की प्रमुख बातें:
स्थान: जागेश्वर धाम मंदिर, अल्मोड़ा
समय: सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक
उद्देश्य: संभावित आतंकी हमलों से निपटने की तैयारी और स्थानीय सुरक्षा बलों की तत्परता का परीक्षण
भागीदारी: राज्य पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स (STF), और आपातकालीन सेवाएं
परिणाम: सभी बंधकों को सुरक्षित निकाला गया, तीन फर्जी आतंकवादियों को मार गिराया गया
क्यों किया गया मॉक ड्रिल?
जागेश्वर धाम मंदिर उत्तराखंड का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां सालभर हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों को लेकर आतंकी हमलों की आशंका को देखते हुए यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई ताकि वास्तविक स्थिति में सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया समय और कार्यकुशलता को बढ़ाया जा सके।
स्थानीय प्रशासन का बयान
जिला पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को बताया,
“यह मॉक ड्रिल सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उद्देश्य आतंकवाद या आपदा जैसी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए बलों को तैयार रखना है।”
श्रद्धालुओं से अनुरोध
मॉक ड्रिल के दौरान मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को थोड़ी असुविधा हुई, लेकिन प्रशासन ने सभी से सहयोग बनाए रखने की अपील की और कहा कि यह अभ्यास उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था।
निष्कर्ष:
जागेश्वर धाम जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए ऐसे मॉक ड्रिल समय-समय पर जरूरी होते हैं। इससे न सिर्फ सुरक्षाबलों की तैयारियों की जांच होती है, बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा को लेकर भरोसा कायम होता है।






