बागजाला में अखिल भारतीय किसान महासभा की बैठक, 9 मार्च से शुरू विधानसभा सत्र में प्रस्ताव पारित करने की मांग
हल्द्वानी।
अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक धरना स्थल बागजाला के सम्मुख आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि बागजाला, बिंदुखत्ता, सुल्ताननगरी, दानी बंगर, खोलिया बंगर समेत वन भूमि पर बसे सभी गांवों और खत्तों को राजस्व गांव घोषित करने का प्रस्ताव 9 मार्च से गैरसैंण में शुरू होने वाले आगामी विधानसभा सत्र में पारित किया जाए।
बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने कहा कि लालकुआं विधायक और भारतीय जनता पार्टी बार-बार वन भूमि पर बसे लोगों को भूमि के मालिकाना हक को लेकर भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 25 फरवरी की कैबिनेट बैठक में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का प्रस्ताव लाने का दावा झूठा साबित हो चुका है। अब मुख्यमंत्री की विलोपित घोषणा को पुनः प्रक्रिया में लाने की बातें की जा रही हैं, जो जनता को गुमराह करने का प्रयास है।
डॉ. पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि यदि विधायक वास्तव में जनहित में गंभीर हैं, तो उन्हें बिंदुखत्ता के साथ-साथ पूरी लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में वन भूमि पर बसे सभी गांवों और खत्तों को राजस्व गांव घोषित करने का विधिसम्मत प्रस्ताव विधानसभा सत्र में लाना चाहिए। ऐसा न होने पर यह माना जाएगा कि जनता को एक बार फिर झुनझुना थमाया जा रहा है।
अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला की उपाध्यक्ष विमला देवी ने कहा कि दशकों से वन भूमि पर रह रही पूरी आबादी को न्याय मिलना चाहिए। यदि बागजाला गांव के साथ किसी भी प्रकार का सौतेला व्यवहार किया गया तो आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
पूर्व प्रधानाचार्य गणेश राम ने कहा कि भाजपा सरकार और लालकुआं विधायक अब तक लोगों को केवल आश्वासन देते आए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब यह रवैया स्वीकार्य नहीं है और राज्य में वन भूमि व नजूल भूमि पर बसे सभी लोगों को बिना भेदभाव भूमि का मालिकाना अधिकार दिया जाना चाहिए।
बैठक में डॉ. कैलाश पाण्डेय, विमला देवी, मीना भट्ट, गणेश राम, प्रेम सिंह नयाल, पंकज चौहान, दीवान सिंह बर्गली, हेमा आर्य, ललिता देवी, सुनीता देवी, वासुदेव, महेश राम, ललित प्रसाद, मारूफ अली, हरक सिंह बिष्ट, इरफान, रहमान, दौलत सिंह, चंदन सिंह मटियाली, उमा देवी, हीरा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व किसान नेता मौजूद रहे।





