मुख्य सचिव आनंद वर्धन:फोटो साभार अमर उजाला
देहरादून, 26 अप्रैल 2025 | DamuWadhungaLive.in
उत्तराखंड सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में सभी विभागों में संविदा, आउटसोर्स, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालिक, नियत वेतन और तदर्थ भर्तियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी प्रमुख सचिवों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।
रिक्त पदों पर होगी नियमित भर्ती
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी विभागाध्यक्ष अब रिक्त नियमित पदों के लिए शीघ्र चयन आयोगों को अधियाचन भेजें। जो अधिकारी बिना अनुमति संविदा या आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्तियां करेगा, उसके खिलाफ व्यक्तिगत जिम्मेदारी के तहत अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
पुराने शासनादेशों में बदलाव
सरकार ने पूर्व में 2018 और 2021 में जारी किए गए शासनादेशों को संशोधित करते हुए यह निर्णय लिया है। अब सभी विभागों में नियमित रिक्तियों के सापेक्ष संविदा या आउटसोर्स के माध्यम से किसी भी तरह की नियुक्ति पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। केवल चयन आयोगों के माध्यम से नियमित नियुक्तियां की जाएंगी।
विलंब से हो रही थी समस्याएं
चतुर्थ श्रेणी पदों के समाप्त होने और नियमित भर्तियों में देरी के चलते पहले आउटसोर्सिंग को बढ़ावा मिला था। इस व्यवस्था के चलते कई बार न्यायालयों में स्टे ऑर्डर जैसी स्थितियां पैदा हुईं, जिससे नियमित कर्मचारियों की तैनाती प्रभावित हुई थी। सरकार ने अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया है।
समय पर अधियाचन भेजने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभागाध्यक्षों को नियमित रिक्तियों का त्वरित आकलन कर समय से अधियाचन भेजना अनिवार्य होगा। इसकी नियमित समीक्षा भी की जाएगी, ताकि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित की जा सके।






