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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: पैदल चलने वालों को मिलेगी राहत, राज्यों को निर्देश जारी

By damuwadhungalive

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फोटो प्रतीकात्मक

नई दिल्ली/देहरादून।
देश में पैदल चलने वालों को अब सड़क पर और अधिक सुरक्षा मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए सभी राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वे पैदल यात्रियों की सुविधाओं के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। इसमें फुटपाथ, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और सुरक्षित पैदल पथ शामिल हैं।

कोर्ट ने यह फैसला एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें कहा गया था कि देश के अधिकांश शहरों और कस्बों में पैदल चलने वालों के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “सड़कें केवल गाड़ियों के लिए नहीं हैं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी हैं जो पैदल चलते हैं। हर नागरिक को सुरक्षित रूप से चलने का अधिकार है।”

राज्य सरकारों को ये व्यवस्था करनी होगी:

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फुटपाथ का निर्माण

ज़ेब्रा क्रॉसिंग और ट्रैफिक सिग्नल की उचित व्यवस्था

स्कूल, अस्पताल और बाज़ार जैसे स्थानों के पास पैदल पथ

ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन के लिए निगरानी

उत्तराखंड में क्या प्रभाव पड़ेगा?

राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों और छोटे कस्बों में आज भी पैदल यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। धौलादेवी, भिकियासैंण, द्वाराहाट, रानीखेत जैसे इलाकों में अक्सर सड़क किनारे चलने के लिए जगह नहीं होती। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश उत्तराखंड जैसे राज्यों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।

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