ताज़ा खबरें:
वन भूमि पर बसे गांवों को राजस्व गांव बनाने की मांग तेजहल्द्वानी में पुलवामा शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि16-17 फरवरी को SC/ST कर्मचारियों को मिलेगा विशेष अवकाश, देहरादून में होगा प्रांतीय अधिवेशनउपनल व आउटसोर्सिंग भर्तियों में आरक्षण को लेकर मंच का ज्ञापन, सीएम को सौंपा 5 सूत्रीय मांगपत्रलोकतांत्रिक सामाजिक चेतना मंच की बैठक में उपनल एवं आउटसोर्सिंग भर्तियों में आरक्षण उल्लंघन पर जताई नाराजगी

“13 साल की चुप्पी के खिलाफ हुंकार: देहरादून में एससी-एसटी संघ की महासभा 23 जून को”

By damuwadhungalive

Published on:

हल्द्वानी, जून 16- 2025।
उत्तराखंड में एक बार फिर एससी-एसटी वर्ग के शिक्षक अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए मैदान में उतरने जा रहे हैं। अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन उत्तराखंड ने 23 जून 2025 को देहरादून के रेड ग्राउंड में विशाल रैली और जबरदस्त प्रदर्शन का ऐलान किया है। आंदोलन का उद्देश्य वर्षों से लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।

✊ क्यों हो रहा है यह आंदोलन?

एससी-एसटी शिक्षक लंबे समय से अपनी निम्नलिखित मांगों को लेकर संघर्षरत हैं:

  1. जस्टिस इरसाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
  2. 2019 के बाद आरक्षण रोस्टर से उत्पन्न खामियों को दूर किया जाए।
  3. सरकारी स्कूलों में शिक्षक कमी के चलते लंबित पदों को भरा जाए।
  4. शिक्षा और सरकारी संस्थाओं के निजीकरण का विरोध।
  5. आउटसोर्सिंग से नियुक्त कर्मियों के स्थायीकरण से पूर्व एससी वर्ग के कर्मचारियों का आरक्षण कोटा पूरा किया जाए।
  6. पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली।

🔥 आंदोलन की पृष्ठभूमि

यह आंदोलन 24 मई से 7 जून 2025 तक शासन से बातचीत की अनदेखी और 8 जून को देहरादून में एसोसिएशन की बैठक के बाद तेज हुआ है। संघ ने साफ कर दिया है कि अब आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

गौरतलब है कि 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी इरसाद हुसैन कमेटी की रिपोर्ट ठंडे बस्ते में है, और बैकलॉग के सैकड़ों आरक्षित पद आज भी खाली हैं। संघ का कहना है कि अगर सरकार ने अब भी मांगें नहीं मानी तो यह आंदोलन व्यापक रूप लेगा।

🔄 मुंडन आंदोलन की यादें ताजा

मुंडन आंदोलन के 10 साल पूरे हो रहे हैं। अगर यह रैली 24 जून को होती तो वह ऐतिहासिक क्रांति एक बार फिर जीवित हो उठती। फिर भी 23 जून की यह रैली भी उसी आंदोलन की आग को दोबारा प्रज्वलित करने का कार्य करेगी।

💬 पुराने योद्धाओं से मार्गदर्शन

पूर्व अल्मोड़ा जिला महामंत्री और प्रांतीय मीडिया प्रभारी आईपी ह्यूमन से मार्गदर्शन लेने के लिए वर्तमान कुमाऊं मंडल उपाध्यक्ष नंदकिशोर टम्टा और सलाहकार नवीन आगरी ने दमुवाढूंगा स्थित उनके आवास पर भेंट की। यह तय हुआ कि यह आंदोलन न केवल शिक्षकों की लड़ाई है, बल्कि पूरे एससी-एसटी समाज के संवैधानिक हकों की रक्षा का संग्राम है।


📢 आह्वान:

उत्तराखंड के सभी एससी-एसटी संगठनों से आह्वान किया गया है कि वे 23 जून को देहरादून पहुंचकर इस क्रांति में अपनी भागीदारी निभाएं। यह वक्त सिर्फ प्रदर्शन का नहीं, बल्कि अपने हक के लिए निर्णायक संघर्ष का है।


✅ यह खबर scstukta.com पर विशेष रूप से प्रकाशित की जा रही है ताकि शिक्षक समुदाय और समाज को न्याय के इस आंदोलन से जोड़ा जा सके।

Leave a Comment