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आशाओं और भोजनमाताओं का हल्द्वानी में प्रदर्शन, पक्का काम और वेतन की मांग

By damuwadhungalive

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अपनी मानों को लेकर आशाओं और भोजन माताओं का हल्द्वानी में प्रदर्शन

हल्द्वानी, 20 मई 2025: पक्का काम, नियमित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान की मांग को लेकर उत्तराखंड की आशा कार्यकर्ताओं और भोजनमाताओं ने आज हल्द्वानी के बुधपार्क में संयुक्त प्रदर्शन किया। उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (ACTU संबद्ध) के आह्वान पर आयोजित इस राज्यव्यापी प्रतिरोध दिवस में सैकड़ों महिला कामगारों ने हिस्सा लिया और एसडीएम कार्यालय तक रैली निकालकर मुख्यमंत्री को 8 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।

प्रदर्शन में प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की महिला कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया और समान अधिकारों की मांग की।

मुख्य मांगें:

  • आशाओं को ₹11,500 मासिक मानदेय देने का 2021 में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया वादा तत्काल पूरा किया जाए।
  • न्यूनतम वेतन, कर्मचारी दर्जा और सेवानिवृत्ति पर पेंशन सुनिश्चित की जाए।
  • रिटायरमेंट पर ₹10 लाख की एकमुश्त धनराशि दी जाए।
  • प्रत्येक मद का भुगतान हर महीने अनिवार्य रूप से किया जाए।
  • ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रतिदिन भुगतान किया जाए।
  • सरकारी अस्पतालों में सम्मानजनक व्यवहार और आदेश जारी किया जाए।
  • विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति तुरंत की जाए।
  • हर अस्पताल में “आशा घर” का निर्माण कराया जाए।

प्रमुख वक्तव्यों में कहा गया:

डा कैलाश पाण्डेय, प्रदेश महामंत्री ने कहा, “आशा वर्कर्स स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं दे रही। मोदी सरकार का नया श्रम कोड महिला कामगारों के लिए गुलामी का दस्तावेज है।”

रिंकी जोशी ने कहा कि “सरकार बिना अधिकार दिए हर अभियान में आशाओं से काम लेती है। सम्मान और वेतन दोनों नहीं मिलते।”

रीना आर्य ने कहा, “काम बढ़ रहा है लेकिन अधिकार नहीं मिल रहे।”

मीना मटियानी ने 2021 में मुख्यमंत्री द्वारा खटीमा में दिए वादे की याद दिलाई जो आज तक पूरा नहीं हुआ।

रजनी जोशी ने भोजनमाताओं और आशाओं को स्थायी कर्मचारी घोषित कर न्यूनतम वेतन और पेंशन की मांग की।

राष्ट्रीय हड़ताल की चेतावनी

यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 9 जुलाई 2025राष्ट्रीय हड़ताल

प्रमुख प्रतिभागी:

डा कैलाश पाण्डेय, रिंकी जोशी, रीना आर्य, प्रीति रावत, सरोज रावत, दीपिका आर्य, रजनी जोशी, मीना मटियानी, सायमा सिद्दीकी, किरन पलड़िया, पुष्पलता, रश्मि जोशी, गंगा तिवारी, विमला खत्री, सुनीता मेहरा, विनीता आर्य, कमला कंडारी, नसीमा, हुमेरा, मीनू चौहान, सावित्री, चंपा बिनवाल, हेमा तिवारी, स्वाति, चंपा मेहरा, मीना शर्मा, फातमा, गीता पांडे, राबिया, रेखा, पुष्पा, गीता, गंगा साहू, विमला, छाया, जीवंती, खष्टी, जानकी आदि सैकड़ों महिलाएं।

समर्थन में भीम आर्मी के नफीस खान, विकास और सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत साहू भी शामिल हुए।

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