मथुरा। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मथुरा के हाईवे थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान राज्य अनुसूचित जाति आयोग का उल्लेख करते हुए “हरिजन आयोग” शब्द का प्रयोग किया, जिसे शिकायतकर्ता ने अपमानजनक और असंवैधानिक बताया। (Amar Ujala)
जानकारी के अनुसार, यह मामला पिछले वर्ष आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन से जुड़ा है। शिकायत हरियाणा के गुरुग्राम निवासी एवं ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ एससी/एसटी ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। शिकायत में कहा गया कि सार्वजनिक मंच से इस शब्द का प्रयोग अनुसूचित जाति समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। पहले स्थानीय स्तर पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के संज्ञान में लाया गया। आयोग के निर्देश के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। (Punjab Kesari UP)
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और विवेचना संबंधित क्षेत्राधिकारी (सीओ) को सौंपी गई है। जांच में उपलब्ध वीडियो फुटेज, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। (Navbharat Times)
गौरतलब है कि भारत सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय समय-समय पर आधिकारिक एवं सार्वजनिक संवाद में “हरिजन” शब्द के प्रयोग से बचने की सलाह देते रहे हैं तथा अनुसूचित जाति समुदाय के लिए संवैधानिक रूप से मान्य शब्दावली के उपयोग पर बल दिया गया है। इसी आधार पर इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना लिया है। (Navbharat Times)
‘हरिजन’ शब्द बोलना पड़ा भारी: RLD राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी पर SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज
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